परिणाम से विरत रहे,

परिणाम से विरत रहे,

प्रयास में शत शत रहे।

मत में श्रीमत रहे,

वचन में सत्य कहे।

यही चरित्र  नित्य 

प्रभु का भृत्य सहे ...

परिणाम से विरत रहे, परिणाम से विरत रहे, Reviewed by Abhinav soni on 9/25/2026 Rating: 5

Facebook

Blogger द्वारा संचालित.