
अगर प्रस्ताव ख़ारिज होने का भय हो।
या यह कहने में अहं तिरोहित होता हो कि, मुझे तुमसे..... हैं।
तो यह पूछ लेना कि, क्या तुम्हे मुझसे...... हैं।
जो रास्ता सुगम हो चुन लेना तुम्हारी अहमियत को चोट ना पहुचेगी।
अगर अवरोध अहम ही है तो। अन्यथा विषय ही नहीं प्रिये!
बेगाने की कलम से....
अद्वितीय ,ऐतिहासिक एवं अत्यंत आदरपूर्वक प्रस्ताव !
बेगाने की कलम से....
Reviewed by Abhinav soni
on
3/06/2023
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