हर राग यहां तुम्हे वैरागी होने को उकसाएगा...


जब हर राग यहाँ तुम्हे वैरागी होने को उकसाएगा। 
हर एक मनज़र छीनकर तुम्हे, तुमसे जुदा कर जाएगा।। 

जब वक्त देगा बदनसीबी का तोहफा तो कैसे ठुकराओगे।
 लेना तुमको पड़ेगा मानो कैसे इसे झुठलाओगे।। 

जब फास्ले मालूम पड़े जैसे एक सुकून हो....। 
मौत ही  जीने का जब आख़िरी जुनून हो।। 

हर आंधी में एक नया सा मन्सुबा, वक़्त  तुम्हे दिखलाएगा।
अंधड़ की इस बौछार से साबुत कब तक तुम रह पाओगे।। 

तब जाओगे आग़ोश में किसके जरा तुम इतना बतलाना।।

कैसे मुकम्मल करोगे तब फिर जीवन का यह अफसाना।।
हर राग यहां तुम्हे वैरागी होने को उकसाएगा... हर राग यहां तुम्हे वैरागी होने को उकसाएगा... Reviewed by Abhinav soni on 8/08/2023 Rating: 5

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