धुंधला जान पड़ता है समां... हर जगह उन्हें, हर कब्ज़े अब, वीराने दिखाई पड़ते हैं... जो मशरूफ थे कभी आशियाने हथियाने में... किसी के ... अब खुद के आशियाने उन्हें बेगाने दिखाई पड़ते हैं...भीतर जाने में.....