चलो चले उन्मुक्त गगन में ,हो भागी उस महायजन में ।चलो बसे उस महासदन में,अनन्त हैं जो उस उपवन में ।दे दिशा इस देह अगन को ,हो लीन उस महापवन में ।फिर अभिराम अनंत नयन में ...