प्रेम की धारा...

 जब तक तुम्हारे प्रेम की धारा तुम्हारे

अहम का तिरोहण नही कर देती 

तब तक  मिलन दुष्कर हैं

जिस क्षण तुम्हारे प्रेम की धारा

तुम्हारे अहम का तिरोहण करेगी

तत् क्षण एक अप्रतिम आनंद उत्पन्न होगा

और उसकी प्रशस्ति तुम्हें मोक्ष के द्वार लेजाएगी।


प्रेम की धारा... प्रेम की धारा... Reviewed by Abhinav soni on 1/19/2024 Rating: 5

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