तकते तकते नयन बेचारे.... Abhinav Soni


तकते तकते नयन बेचारे।

अब ये भी अंतस् से हारे ।।

एक लफ्ज़ के ही थे सहारे
अब नही कोई दुविधा प्यारे।

मिल गई जो मंजिल की आहे  ।
फिर  राही रहा बेचैन कहा रे । ।

टूट गए वो स्वपन भी प्यारे , ।
जो थे इसने कभी निहारे। ।

अब ना आओगे रास ।
क्योकी रही ना कोई आस ।।

दोषी की ना करो तलाश।
नहीं जाती खुद कब्र में लाश।।

जिंदा इंसा मांगे पानी ।
मुर्दों को है किसकी प्यास। ।

तकते तकते नयन बेचारे.... Abhinav Soni तकते तकते नयन बेचारे.... Abhinav  Soni Reviewed by Abhinav soni on 9/23/2022 Rating: 5

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